When TVS Motor Company was started

टीवीएस मोटर इंडिया की तीसरी सबसे बड़ी टू वीलर कंपनी जिसके सस्ते मोपेड ने जहाँ एक गरीब को भी टू व्हीलर पर चढ़ने का मौका दिया, वहीं उनकी स्कूटी ने इंडियन विमिन के बीच एक खास जगह बनाई है। टीवीएस मोटर ही वो पहली कंपनी है जिसने ऐंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के साथ किसी बाइक को इंडिया की सड़कों पर उतारा था। और उनकी अपाचे आरटीआर सिरीज़ ने स्पीड और परफॉर्मेंस का एक नया स्टैंडर्ड सेट किया है। शुरुआती दिनों में यूके की ग्रेट ऑन और जापान की सुजुकी के साथ मिलकर इसलिए अपनी टेक्नोलॉजी को मजबूत किया था।

लेकिन आज वहीं टीवीएस, बीएमडब्ल्यू जैसी दिग्गज कंपनी के साथ मिलकर लाखों बाइक्स को सेल कर चुकी है और इसने साल 2020 में नौ टन जैसी लें। ब्रिटिश ब्रैंड को खरीदकर अपने फ्यूचर के इरादे को भी बता दिया है। लेकिन नाम से विदेशी दिखने वाली यह कंपनी दरअसल साउथ इंडिया के एक गरीब लड़के के जुनून का नतीजा है, जिसकी शुरुआत से लेकर आज तक की दिलचस्प जर्नी को ही हम इस वीडियो में जानने वाले है।

कहानी शुरू होती है 1877 में

ये कहानी शुरू होती है 1877 में जब तमिलनाडु के तिरुनेलवेली शहर में टीवी सुंदरम् घर का जन्म हुआ। उनके पिता चाहते थे की वो पढ़ लिखकर एक वकील बने और टीवी सुंदरम् भी उनकी बात मानकर वकालत करना शुरू की। लेकिन हर पल उन्हें ऐसा लगता था की कुछ बड़ा करना है। उनका मन वकालत में नहीं लगा और फिर कुछ दिन रेलवे में काम करने के बाद वो बैंक में नौकरी करने लगे।

लेकिन जीस इंसान की किस्मत में हजारों लोगों को नौकरी देना लिखा था। वह छोटी सी नौकरी में बंद कर कैसे रह सकता था? काफी सोच विचार के बाद आखिरकार उन्होंने नौकरी छोड़कर अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने का एक मुश्किल फैसला लिया। देश की हवा तक अंग्रेजों की गुलाम थी और भारतीयों को आगे बढ़ने के मौके ना के बराबर मिल रहे थे और ऐसे में सरकारी नौकरी छोड़कर बिज़नेस में कदम रखना काफी रिस्की था।

लेकिन साल 1911 में उन्होंने टीवी सुंदरम् अय्यंगर एंड संस के नाम से साउथ इंडिया की पहली बस सर्विस की शुरुआत की और पहली बस मदुरई से देव कोट्टई के बीच लगभग 80 किलोमीटर के रूट पर चलाई गई इस बस सर्विस की जो सबसे खास पहचान बनी, वहीं इसकी पंक्चुअलिटी। कहा जाता है कि लोगों का भरोसा इस बस सर्विस पर इस कदर बढ़ गया कि वो अपनी घड़ी का समय तक टाइमइंग के हिसाब से सेट करने लगे और लोगों के अच्छे रिस्पॉन्स ने उनको बस सर्विस से आगे बढ़कर सोचने के लिए मोटिवेट किया।

फिर साल आया 1900, जब टीवीएस ने मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा। मद्रास आउट ऑफ सर्विस लिमिटेड और सुंदरम् मोटर्स लिमिटेड के नाम से उन्होंने वीइकल सेल्स ऐंड सर्विस और छोटे मोटे स्पेयर पार्ट्स के प्रोडक्शन का काम शुरू किया। और कुछ सालों बाद ही उन्हें जनरल मोटर्स का डीलरशिप भी मिल गया।

टीवीस ने टाइर रिसाइकिलिंग की

इसके साथ ही टीवीस ने टाइर रिसाइकिलिंग की। एक फैक्टरी भी शुरू कर जो फोर्ड और शेवरले के लिए बेल्ट भी बनाती थी और इस तरह ऑटोमोबाइल के हर फील्ड में धीरे धीरे उनका एक्सपीरियंस बढ़ता गया। फिर फोर्टिस का वो दौर आया जब सेकंड वर्ल्ड वॉर की शुरुआत हो गई और मद्रास प्रैज़िडन्सी में पेट्रोल की भारी कमी की वजह से उसके दाम में तेज उछाल आ गया। उस समय टीवी सुंदरम् और उनके बेटे टीएस कृष्णा ने साथ मिलकर एक ऐसे चारकोल गैस प्लांट को डेवलप किया जो ऑटोमोबाइल जिनको चला सकती थी।

महंगे पेट्रोल का ये ऑप्शन लोगों को काफी पसंद आया और देखते ही देखते उसकी 12,000 यूनिट्स बिक गई। साल 1955 टीवी सुंदरम् की डेथ के बाद कंपनी को संभालने की जिम्मेदारी उनके बेटों के कंधों पर आ गई। जिसे डाइवर्सिफाई करते हो? उन्होंने आज टीवीएस को 50 से भी ज्यादा कम्पनीज़ का एक विशाल बिज़नेस ग्रुप बना दिया है।

8.5 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू वाला या टीवीएस आज 60,000 से भी ज्यादा लोगों को रोजगार देता है और टीवीएस मोटर उसी विशाल का एक हिस्सा है जो अकेले 3.1 बिलियन डॉलर्स का कॉन्ट्रिब्यूशन करता है। तो चलिए। की आगे की कहानी जानते हैं टीवी सुंदरम् की डेथ के समय देश को आजाद हुए अभी कुछ ही साल हुए थे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में हम काफी पीछे थे। लोगों को एक सस्ते टू वीलर की जरूरत थी। तब टीवी। इसने 1962 में यूके की एक कंपनी क्लिंटन के साथ मिलकर ब्रेक, एक, जस्ट और जैसे पार्ट्स बनाना शुरू किया। 1978 तक वो सुंदरम् क्लेटॉन के नाम से पार्ट्स बनाते रहे, लेकिन सही भाई ने में डीपीएस के अच्छे दिनों की शुरुआत हुई।

मोपेड मार्केट में अपनी मजबूत पकड़

1980 में जब सुंदरम् के लिए ने तमिलनाडु की हो, सर प्लांट से इंडिया की पहली टू सीटर डीबीएस 50 को लॉन्च किया, तब तक मार्केट में सिर्फ काइनेटिक की सिंगल सीटर लू ना ही मौजूद टीवीएस 50 को छोटे बिजनेसमैन और वेंडर्स ने खूब पसंद किया। क्योंकि सस्ता होने के साथ ही सामान ढोने के लिए इसमें ज्यादा जगह थी और इसकी इम्प्रेसिव सेल्स को देखते हुए इसका अपग्रेडेड वर्जन टीवीएस ऐक्शन को भी लॉन्च कर दिया गया और इस तरह सुंदरम् क्लेटन ने इंडियन मोपेड मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना ली। लेकिन उनका रास्ता इतना आसान नहीं था क्योंकि बजाज चेतक लोगों की पहली पसंद बनी हुई थी। दोस्तों ये तो आपको पता ही है की इंडिया में टू वीलर मार्केट में पोल्लुशन जैपनीज़ प्लेयर्स के साथ कोलैबोरेशन के बाद आया।

लेकिन शायद ये आपको पता नहीं होगा की जब भी टू वीलर मार्केट में कुछ नई शुरुआत हुई है तो उसमें टीवीएस का कॉन्ट्रिब्यूशन जरूर रहा है। दरअसल टीवीएस की सोच हमेशा फ्यूचरिस्टिक रही है। मोपेड और स्कूटर से आगे बढ़कर 100 सीसी सेगमेंट की पहली कंप्यूटर बाइक भी हमें टीवीएस नहीं दिया था। साल 1982 प्रीवियस ने सुजुकी के साथ ज्वाइंट वेंचर में आईएस की शुरुआत की और इंडिया की पहली 100 सी सी टू स्ट्रोक बाइक की एक्स 100 को मार्केट में उतार दिया और इसके बाद ही इस सेगमेंट की पॉपुलर बाइक्स हीरो होंडा सीडी 100, कावासाकी बजाज के भी 100 और यामाहा आरएक्स 100 लॉन्च हुई थी।

नाइंटीज में मोपेड की डिमांड अपनी पीठ पर। जिसकी वजह से टी 20 चैंपियन और एक सेल मोपेड इंडिया की लार्जेस्ट सीलिंग की कल बन गई। फिर टीवी। इसने में अपने मुँह पे डिविजन को भी ऐड करके इसका नाम टीवीएस लिमिटेड कर दिया।

कस्टमर्स का इंटरेस्ट

टीवीएस मोटर ने टीवीएस रेसिंग नाम से एक अलग किंग्स की शुरुआत की, जिसका काम था बाइक्स की परफॉर्मेन्स से रिलेटेड डेटा कलेक्ट करना और इम्प्रूवमेंटस के लिए सही आइडियाज़ और सस्ते। कस्टमर्स का इंटरेस्ट बाइक की तरफ बढ़ने लगा तो स्कूटर और मोपेड की डिमांड में तेज गिरावट देखने को मिली। लेकिन यहाँ भी टीवीस ने बिना समय गंवाए एक बिल्कुल अलग सेगमेंट की ही नींव रख दी और 1994 में टीवीएस स्कूटी को लॉन्च कर दिया।

टीवीएस रेसिंग ने बेहतर डाइनैमिक्स और हैंडलिंग के साथ कई बाइक्स को डेवलप करने में मदद की। जिसका नतीजा ये हुआ कि 98 में इंडिया की पहली कैटेलिटिक कनवर्टर मोटरसाइकिल, टीवीएस रोगन और फर्स्ट फाइव स्पीड मोटर साइकल टीवी शो को लॉन्च किया गया।

इसके अलावा और समुराई बाइक्स को भी लोगों ने खूब पसंद किया। लेकिन साल 2000 के आस पास होंडा की सी बी, जेड और बजाज की पल्सर 150 ने मार्केट ट्रेंड को बदलना शुरू कर दिया। यूथ में फास्ट और परफॉर्मेंस बाइक्स का क्रेज बढ़ने से टीवीएस की मार्केट में पकड़ कमजोर होने लगी। इसलिए टीवीएस मैनेजमेंट ने सुजुकी से अलग होकर अब इंडियन मार्केट के हिसाब से खुद बाइक्स को डिजाइन और डेवलप करने का फैसला किया।

2001 में सुजुकी से अलग होकर कंपनी का नाम टीवीएस मोटर करने के बाद अपने दम पर फर्स्ट इंडिजिनस बाइक विक्टर को लॉन्च किया। जो 100 सी सी की कंप्यूटर, बाइक और उसके बाद 150 सीसी सेगमेंट में टीवीएस फेरों को मार्केट में उतारा गया। लेकिन पल्सर और सीबीजेड को टक्कर देने के लिए जरूरत थी कुछ तूफानी करने की और यहाँ काम आया टीवीएस रेसिंग के सालों का एक्सपिरियंस जिसे यूज़ करते हुए एक नई पॉवरफुल बाइक के डेवलपमेंट का काम शुरू हुआ और फाइनली 2006 में।

बीएमडब्ल्यू के साथ मिलकर में अपाचे आर 310 को लॉन्च

Apachi 150 आरटीआर को मार्केट में उतार दिया गया। आर टी आर यानी की रेसिंग थ्रोटल रिस्पॉन्स पेटल डिस्क के साथ अपने दमदार लुक्स और 13.5 बीएचपी पावर के साथ लोगों के लिए यहाँ एक यूनीक और अट्रैक्टिव ऑप्शन बन गई। आगे इस बाइक को अपग्रेड करके अपाचे 16180 और अपाचे आर टी आर 240 को भी लॉन्च किया गया। जो पहले से अधिक पॉवरफुल, रिफाइंड और टेक्नोलॉजी रीच बाइक्स थी। साथ ही फ्यूल इंजेक्शन टेक्नोलॉजी और ड्युअल चैनल एबीएस का ऐसा यूनीक फीचर भी ऐड किया गया जो अभी तक किसी पाइक में मौजूद नहीं थी।

पावरफुल और क्विक एक्सप्रेशन की वजह से टीवीएस अपाचे लोगों के बीच काफी पॉपुलर होने लगा और साथ ही मजबूत बिल्ड क्वालिटी और ड्यूरेबिलिटी की वजह से। ये पाई पूरे भारत में खूब बिकने लगी, लेकिन कामयाबी का ये सिलसिला यहीं नहीं रुका। साल 2017 में बीएमडब्ल्यू के साथ मिलकर में अपाचे आर 310 को लॉन्च किया। बीएमडब्ल्यू जी थ्री ट्रेनर पर बेस्ट इस बाइक में 312 सीसी का इंजन है।

वैसे तो टी 20 के पोर्टफोलियों में फिलहाल जुपिटर और स्कूटर के साथ स्पोर्ट्स स्टार सिटी रिटर्न राइडर और रोनिन जैसे और भी कई टू व्हीलर्स मौजूद है, लेकिन अपाची मोटरसाइकिल को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। आज टीवीएस दुनिया के 60 से भी अधिक देशों में अपनी बाइक्स को एक स्पोर्ट करता है और अपने ग्लोबल फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए वो काफी एग्रेसिव तरीके से ऐक्विज़िशन भी करना शुरू कर दिया है।

साल 2020 में टीवीएस मोटर ने 124 साल पुरानी एक फेमस ब्रिटिश ब्रैंड एक्वायर किया था, जो प्रीमियम कैटेगरी की रेट्रो बाइक्स बनाने के लिए फेमस हैं और दोस्तों जैसा की टीवीएस के डीएनए में है। वो फ्यूचर को देख लेते हैं, इसलिए उनका फोकस अब इलेक्ट्रिक वीइकल्स पर कुछ ज्यादा ही है।

टीवीएस ने 21 में स्विट्जरलैंड की एक ई मोबिलिटी कंपनी है जो मूवमेंट का 80% स्टेक 18 मिलियन डॉलर्स में एक्वायर किया था और उसके चार महीने बाद यह दूसरी ऐसी एम जी का 75% स्टेक भी 100 मिलियन डॉलर्स में खरीद लिया था। आपकी जानकारी के लिए बताता हूँ की टीवीएस की इलेक्ट्रिक स्कूटर आईक्यूब ओला के बाद इंडिया की सेकंड टॉप सेलिंग स्कूटर है और अभी अगस्त 23 में ही एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर टीवीएस को सिंगल चैनल एबीएस और 10.25 इंच की स्क्रीन के साथ लॉन्च किया गया है। जो फीचर अभी इंडिया के किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर में मौजूद नहीं है

तो दोस्तों इस तरह एक बस सर्विस जैसी छोटी सी शुरुआत से भी टीवी सुंदरम् की बड़ी सोचने इतना विशाल बिज़नेस एंपायर खड़ा कर दिया।

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